Anupama : बा किंजल को घर ले जाने के लिए कपाड़िया

Anupama :

हाउस जाती  हैं, और किंजल से कहती है की 'समाज में 

लाखों-करोड़ों महिलाएं हैं जिनके साथ ऐसा होता है।

लेकिन हर कोई आपका घर नहीं तोड़ता है और अपनी

माँ की तरह अपना घर मत तोड़ जो तेरी माँ ने किया

 वो मत कर किंजल। तुम मेरी बात समझो, अपने 

घर चलो। अगर तुम यहाँ रहोगे तो अनुपमा तुम्हारा घर

जरूर तुड़वा देगी। तब अनुपमा कहती हैं, 'जिंदगी तोशु

 और किंजल की है, तो उन्हें भी ये फैसला लेने दीजिए।'