अनुज सभी को पूजा के लिए आमंत्रित करता

है और शाह परिवार और जीके को

पूजा के लिए उनके साथ बैठाता है.

पंडित जी घर के मालिक से कलश

रखने के लिए बुलाते है. अनुज इसके

लिए अनुपमा को कहता है. अनुज कहता

है कि वो इस घर की मालकिन है

बरखा, अंकुश से कहती है कि अगर 

अनुपमा नहीं होती तो वह मीडिया

की सारी लाइमलाइट बटोर लेती